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*ढोल गवार शूद्र पशु नारी।*    *सकल तारणा के अधिकारी।
April 21, 2020 • Mr. Pan singh Argal (Dr. PS Bauddh)

🔥सातवां एपिसोड,सुबह,दिनांक 20-04-2020🔥
*🔥यादव समाज के कुछ प्रश्न& उनके उत्तर🔥* 
                           दिनांक 30-07-2019
   *भाई साहब आज के सामाजिक परिवेश मे यदि यादव  शूद्र नही है तो क्या है? समाज मे क्या मान्यता है? पौराणिक  काल्पनिक कहानियो मे आप आर्य या क्षत्रिय रहे होंगे। आज आप की दयनीय हालत के लिए कौन जिम्मेदार है? किसने किया?क्यों किया? महत्वपूर्ण यह है कि आप, आज समाज मे कहा खडे है?  सभी कहानिया आज के वैज्ञानिक युग मे धूर्त व बकवास साबित हो गयी है।* 
    इन्ही धार्मिक, पौराणिक कथाओ मे भी आप की क्या हैसियत है, जिसका आप खुशी से खूब खर्च करते हुए प्रवचन सुनते और सुनाते है। इसको भी समझना जरूरी है।
  *ढोल गवार शूद्र पशु नारी।* 
  *सकल तारणा के अधिकारी।।* 
                 (रामचरित मानस)
  यहां आप की मां, बहन, बेटी को शूद्र की ही श्रेणी मे रखते हुए अपमानित किया गया है 

 " *आभीर, यवन, किरात, खल स्वपचादि अति अधरूपजे।"* 
              (रामचरित मानस)
      अर्थात, इस श्लोक मे अहीर (यादवों) को नीच, अन्त्यज, पापी आदि गालिया दी गई है।  

 *बर्धकी नापितो गोपः आशायः कुम्हकारकः।* 
 *वाणिक्कित कायस्थ मलाकार कुटुम्बिनः।* 
 *बरटो वेद चन्डालःदासो श्वपचः कोलकाः।* 
 *एषां सम्भाषणात्स्नानं दर्शनाद कभीक्षणमं।।* 
                           (व्यासस्मृति)
( *बढ़ई, नाई, ग्वाल, कुम्हार, बनिया, किरात, कायस्थ, भंगी, कोल, चंडाल ये सब अन्त्यज जातिया है, इनसे बात करने पर स्नान और इनको देख लेने सूर्य का दर्शन करने पर शुद्धि होती है )* 
   अपने आप से कोई ब्राह्मण बने, क्षत्रिय बने या वैश्य बने, इसका कोई मतलब नही है । क्या ये जातियां, आप से रोटी -बेटी या खान -पान या किसी तरह का सामाजिक ब्यवहार रखती है या आप को क्षत्रिय समझती है।
      *बहुत लोग क्षत्रिय बनना चाहते है। क्या यादव समाज मे  सामंती, अत्याचारी और छोटी जातियो के शोषण करने के गुण आज मौजूद है। आप के जाति की कितनी औरते लड़ाई के मैदान मे पति के मरने के बाद सति हुई है?  कितने यादव लोग,  मुगलो -मुसलमानो से अपनी बहन -बेटी से रिश्ता किया है, या बहन बेटी  देकर जमींदारी ली है। करीब करीब 30% क्षत्रिय,  मुसलमान बनकर पूरे देश मे खान और पठान बनकर मुस्लिम धर्म की शान बढा रहे है। क्या यह मुख्य गुण यादव  जाति मे है।* 
    उदाहरण के लिए गाजीपुर जिला मे जमानियाॅ से लेकर बिहार के बार्डर बक्सर तक करीब  40 गाँव जहां क्षत्रिय हुआ करते थे ,सभी मुसलमान बन गए है, जिसे प्रसिद्ध कमसार क्षेत्र कहा जाता है। अपने को खान और पठान मानते हुए सवर्ण मुसलमान बनकर मुश्लिम धर्म की शान बढा रहे  है। यदि ये सभी गुण आप मे मौजूद है तो, बेशक आप क्षत्रिय बनने के लिए स्वतंत्र है।
    *रही बात शूद्र की जिससे आप अपने आप को, अपमानित या घृणित या घटिया या नीच होने पर दुख और दर्द  महसूस करते है, क्या यही शब्द किसी दूसरे इन्सान को बोलते समय आप को खुशी या आनंद मिलता है। माफी चाहता हूं, यही मेरी अन्तरात्मा स्वीकार नही करती है। यदि आप को आनंद  मिलता है तो, आप बौद्धिक बेइमान इन्सान हैं और कही न कही आप का दिलो दिमाग ब्राह्मणवादी मानसिकता का  गुलाम है और सामाजिक दायित्व के प्रति आप इमानदार भी नही है।  यदि ऐसा है तो मानवतावादी इन्सान होने के लिए इससे मुक्त होना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।  धन्यवाद ।* 
    *गर्व से कहो हम शूद्र है।* 
 आप का समान दर्द का हमदर्द साथी!
 *शूद्र शिवशंकर सिंह यादव* 
 मो0-W- 7756816035
             9869075576
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सूचना - *यह लेख सभी SC ST & OBC की जातियो पर लागू होता है। जिस समाज के कुछ लोग अभी भी अपने को क्षत्रिय समझते है, उस समाज के इमानदार लोगो से उम्मीद की जाती है कि, वे अपने अपने समाज मे, खुद शूद्र टाइटिल लगाते हुए, इस लेख मे फेरबदल कर, प्रसारित कर, सामाजिक परिवर्तन मे सहयोग करे धन्यवाद* ।