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बुद्ध की वाणी
November 27, 2019 • Mr. Pan singh Argal (Dr. PS Bauddh)

बुद्ध से ज्यादा कोई भी नहीं बोला और बुद्ध से ज्यादा चुप भी कोई नहीं रहा कितना बोले हैं बुद्ध ? 
उफ विद्वान हैं कि एक आदमी भला इतना कैसे बोल सका यह कैसे संभव हुआ और यह तो तब है जब बुद्ध का बोला हुआ पूरा ज्ञान संग्रहित नहीं है अनुवादित या उपलब्ध नहीं है उनका कहा हुआ आज ग्रंथों के रूप में जितना भी है अथाह सागर है बुद्ध खूब बोले फिर भी उनसे ज्यादा चुप कोई भी नहीं रहा क्योंकि जहां नहीं बोलना था वहां बिल्कुल नहीं बोले ईश्वर के संबंध में एक शब्द नहीं कहा इस खतरे को भी मोल लिया कि लोग नास्तिक समझेंगे दरअसल जिन बातों का मनुष्य के कल्याण से कोई लेना देना नहीं है या कई निरर्थक विषयों पर बुध्द नहीं बोले आज भी कुछ कथित विद्वान यह आरोप लगाते हैं कि बुद्ध ने घर बार छोड़ कर ठीक नहीं किया संसार छोड़ दिया लेकिन यह नहीं कहते हैं कि जब उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हो गई तो वह वापस संसार में ही लौटे उन्होंने तो यह कह कर ही गृह त्याग किया था कि वह सत्य की खोज में जा रहे हैं कि मनुष्य के जीवन में इतना दुख क्यों है और उसे दूर करने के उपाय क्या है और उत्तर मिलने पर वापस आ जाएंगे बुद्ध जीवन भर पर्वत गुफाओं में बंद नहीं रहे बल्कि उन्नीस साल की उम्र में गृह त्याग कर पैतीस में बुद्धत्व प्राप्त किया और फिर पैंतालीस साल तक रात दिन  घूम घूम कर मानव कल्याण का मार्ग बताया और अस्सी साल की उम्र में महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए आलोचकों को एक दिन का गृहत्याग तो दिखाई देता है लेकिन पैंतालीस साल के महायोगदान पर चुप्पी साध लेते है जिसका प्रभाव ढाई हजार साल बाद भी पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है
दुनिया के किसी भी धर्म के संस्थापक ने जैसा सपना देखा था वे अपने जीते जी साकार रूप में नहीं देख सके लेकिन बुद्ध ने धम्म की जैसी कल्पना की थी वह जीते जी साकार रूप में देखी धम्म को गौरवशाली स्वरूप में उच्च शिखर पर स्वयं देखा आम व्यक्ति ही नहीं बल्कि राजा,महाराजा,युवा नरेश,वणिक और ब्राह्मण भी सारी सुख सुविधाओं,हिंसा, अनीति को त्याग कर बुद्ध के मानवतावादी व वैज्ञानिक  धम्म के मार्ग पर चले     
 इतिहास में बहुत दार्शनिक बोले हैं मनुष्य के रोग या दुखों का विश्लेषण किया लेकिन बुद्ध के कहने का ढंग ही और है, अंदाज ए बयां ही और है जिसने एक बार सुना पकड़ में आ गया जिसने एक कदम बुद्ध के मार्ग पर रखा फिर भटक नहीं पाया जिसको बुद्ध की थोड़ी सी भी झलक मिल गई उसका जीवन रूपांतरित हो गया
सहज,सरल, सुंदर ,वैद्य और वैज्ञानिक
बुद्ध अनूठे हैं  बुद्ध, बस बुद्ध है
   🌺सबका मंगल हो-सबका कल्याण हो👏