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CAA - NPR -NRC के समर्थको को जवाब 29/01/2020 को भारत बंद
January 28, 2020 • Mr. Pan singh Argal (Dr. PS Bauddh)
 

CAA - NPR -NRC के समर्थको को जवाब 👇👇😠
जो हिन्दू OBC - SC - ST आम लोग और उनके सांसद,विधयाक, मंत्री समर्थन करते ,ये पोस्ट उनके लिए भी है,समझिये पूरी डीटेल में,
1)जन्मथिति, 2)नाम में गड़बड़ी, 3)जमीन के कागज , इन तीनो से नागरिकता साबित नही कर पायेंगे,उसके बुरे परिणाम होंगे
कैसे होंगे, ?इसके बारे में आपको ,एक एक छोटी डिटेल आपको बताती हूँ
शरू करने से पहले बता दू 1947 में की आबादी के हिसाब से पढ़े लिखे लोग की संख्या 18% थे,100% में से 82% अनपढ़ ,
1) नाम में गड़बड़ी - पहला तो अनपढ़ होने की वजह से नाम में गड़बड़ी,तो किसी एक डॉक्यूमेंट पूरा नाम ,दूसरे किसी में अधूरा ,किसी में मात्रा अलग ,कही स्पेलिंग कुछ और कही कुछ और,
इस तरह की गड़बड़ियां अनपढ़ लोग ने और पढ़े लिखे लेकिन समझदार थे,उन दोनों ने गड़बड़ी की , उस समय समाज था ही ऐसा , समाज के लोगों की सोच समझ , सामाजिक स्थिति ऐसी ही थी और आज भी आदिवासी और दूसरे गरीब लोग ,पीढयों से अनपढ़ है,जिनकी आबादी 10,20 करोड़ है
2) जन्मथिति - अब आते है जन्मतिथि पर, 1930 से 1980 के बीच जो पैदा हुए हुई पीढ़ी वो अनपढ़ थी,उस टाइम बस 18% लोग पढ़े लिखे थे,और कुछ कम पढ़ लिखे ( समझदार नही थे) , 
उन्होंने अपनी जन्मतिथि अनुमान वाली लिखाई, वोटर कॉर्ड, आधार कार्ड , बैंक खाता,पैन कॉर्ड जैसे डॉक्यूमेंट में, क्योंकि वो हॉस्पिटल में पैदा नही हुए,स्कूल नही गये, 
अब बात करते है जो सरकारी नोकरी में थे,आर्मी या अन्य सरकारी जॉब में खड़ी भर्ती होती थी, उस समय के देश के लोगो की सामाजिक हालात सोच समझ के हिसाब से बहुत चीज़ों में सरकारी नोकरी की भर्ती में बहुत छूट दी नाम लिखने के तरीके , जन्मतिथि , क्योंकि उस टाइम की सरकारें देश के लोगो की सोच समझ हालात समझती थी, 
आज के लोगो की नागरिकता हमारे दादा दादी मम्मी पापा,से लिंक है, उनकी नागरिकता गयी तो हम भी नागरिक नही रहेगे और भी अन्य 1000 गड़बड़ी है,जो मुझे याद नही आ रही है
मेरी दादी है जिनकी 1970 में 13 साल की उम्र में शादी हो गयी थी,दादा govt जॉब में थे, वो अनपढ़ थी, मेरे दादा जी ने ,जहाँ जॉब करते थे वहाँ अपनी और दादी की जानकारी भरने में गड़बड़ी की ,उस समझ नही थी,(आने वाले समय में कोई चुटिया सरकर और उसके लोग NRC करंगे, )
मेरे दादा का नाम आनंद वर्मा है पर कही उनसे यहाँ ऑफिस वालो ने आनन वर्मा,कही वला कर दिया और दादी के नाम में सरनेम नही लिखा, अंजना वर्मा लिखना था,अंजना बाई लिखा दिया, 
अब दादी की जन्मतिथि जो अंदाज़े के हिसाब से सर्विस रिकॉर्ड में लिखवाया, इसी रिकॉर्ड से दादी का वोटर आई डी, आधारकार्ड ,बैंक खाता, पैन कार्ड,जैसे कागज बने,देश में 90% दादा दादी मम्मी पापा, लोगो के कागज इस तरह बने है , इस तरह की गड़बड़ी से आपके दादा दादी नागरिकता जायेगी,उनकी पेंशन, दादा से मिली अनुकप्पा नियम के तहत ,बेटे की नोकरी,जाएगी, 
बैंक खाता बंद,मकान प्रोपर्टी सरकार जपत करेगी ,
3) जमींन के क़ानूनी कागज - हिन्दू OBC,SC,ST ^ 1950 से पहले आपके पास जमीन खरीदने का अधिकार नही था,पैसा रखने जमा करने का अधिकार नही था,
कुछ NPR, NRC का समर्थन करने वाले बोलेंगे,जमींन नही थी, तो क्या हवा में रहते है,
‌अरे गधे जमींन पर रहते तो थे,पर ,जमीन आधिकारिक मालिकाना हक क़ानूनी तौर नही था,तो उसका डॉक्यूमेंट नही होगा,
अब सवाल ये है की क्यों नही था ? पहले राजा महाराजा को समय था, चाहे वो हिन्दू या मुस्लमान ,जो राज परिवार और उनके मंत्री है, और ब्राह्मण , छत्रिय, वैश्य को छोड़कर ,90% प्रजा के लोगो को जमींन का कानूनी कागज वाला मालिकाना हक नही था,
जिस जमींन पर 90% हिन्दू मुस्लिम प्रजा रहती थी,अब अंग्रेज़ो के समय वो जमींन सरकारी हो गयी ,लेकिन तब भी जमीन के क़ानूनी कागज मालिकाना हक नही था,
अब जब 1950 के बाद जमींन खरीदने और पैसा जमा करने का अधिकार मिला, पर जिस जमीन पर हजारों सालों से रह रहे है उस जमींन का मालिकाना हक नही मिला,वो ज़मीन आज नजूल के जमीन होती है,
तो obc, ,SC ,ST के 1930 से लेके 1990 के बीच की पीढ़ी के जमींन के कागज नही मिलेंगे, तो इस वजह से जन्म स्थान और नागरिकता साबित नही कर पाएंगे
आज भी 20 करोड़ लोग पीढ़ीयों से अनपढ़ है,गरीब है 
तब इस बात की गारंटी ,हमारे जप्त की चीज़ें , सुरक्षित रहेगी,आपका पालतू कुत्ता जिससे आप बहुत प्यार करते हो पता नही उसका क्या होगा 😢
जब आपसे आपकी नागरिकता छीन ली जायेगी,जिस तरह की गड़बड़ी मैंने बताई है,उससे कभी नागरिकता साबित नही हो पायेगी, तब आपको नागरिकता साबित करने में 5-10 साल लग जायेगें,और इन 5-10 में आप बहुत सारी लाइफ में चीज़े करने की सोचे होंगे, नया घर,नया समान,शादी और जो भी आपकी इच्छा हो
अब बात करते है , हिंदू OBC,ST,SC सांसद विधयाक मंत्री के बारे में,
बहुत सारे लोगो को नही पता की सांसद और विधयाक सीट क्या होती है, जिस क्षेत्र में OBC,ST,SC के लोगो की जनता रहती है उसके हिसाब से उसको लोकसभा और विधानसभा की सीट बनती है और ऐसे ही OBC,ST,SC के नेता सांसद विधयाक बनते है, 
जब OBC- ST - SC जनता ही नागरिक नही रहेगी तब , ये जी OBC- ST - SC के विधयाक सांसद सीट रद्द हो जायेगी , जो हिंदूवादी OBC- ST - SC संसाद विधयाक bjp का समर्थन करके सरकार बनाये है,वो भी सांसद विधयाक नही रहेगे,न मंत्री ,
BjP Rss संविधान बदलेगी 
अपर कास्ट हिन्दू सांसद विधयाक मिलकर, OBC- ST - SC मुस्लिम लोगो के अधिकार छीन लिये जाएंगे
और अनपढ़ Rss की भीड़ और सेना तो है ही ,CDS जनता को कुचलने के लिए बनाया गया,
अगर CAA से नागरिकता के दी भी जाती है तो इसका मतलब जिस दिन,महीने,साल दी जायेगी ,उस दिन से आप क़ानूनी तौर पर नागरिक माने जाएंगे ,मतलब इससे पहले आप इस देश के नागरिक नही थे,पहले से इस देश के नही थे, 
और BJP RsS को पता है कहाँ उसके अधिकारी कर्मचारी बैठे है नागरिकता लेने देने के लिए
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