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देवताओं का एक रूप ये भी है । जाने
November 22, 2019 • Mr. Pan singh Argal (Dr. PS Bauddh)

--------------"अब करो तर्क जिसे करना है"----------

इन्सान ने ही भगवान का निर्माण किया है इसके तार्किक सबूत निम्नलिखित है

1.मनुष्य के अलावा दुनिया का एक भी प्राणी भगवान को नही मानता।

2.जहाँ इन्सान नही पहुँचा वहाँ एक भी मंदिर मस्जिद या चर्च नही मिला।

3.अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग देवता है।इसका मतलब इन्सान को जैसी कल्पना सुझी वैसा भगवान बनाया गया।

4.दुनिया मे अनेक धर्म पंथ और उनके अपने-अपने देवता है। इसका अर्थ भगवान भी एक नही।

5.दिन प्रतिदिन नये नये भगवान तैयार हो रहे है।

6.अलग-अलग प्रार्थनायें है।

7. माना तो भगवान नही तो पत्थर यह कहावत ऐसे ही नही बनी।

8.दुनिया मे देवताओं के अलग-अलग आकार और उनको प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग पुजा।

9.अभी तक किसी इन्सान को भगवान मिलने के कोई प्रमाण नही है।

10.भगवान को मानने वाला और नही मानने वाला भी समान जिंदगी जीता है।

11भगवान किसी का भी भला या बुरा नही कर सकता।

12.भगवान भ्रष्टाचार अन्याय चोरी बलात्कार आतंकवाद अराजकता रोक नही सकता।

13.छोटे मासुम बच्चों पर बंदुक से गोलियाॅ दागने वालों के हाथ भगवान नही पकड सकता।

14.मंदिर मठ आश्रम प्रार्थना स्थल जहाॅ माना जाता है कि भगवान का वास होता है वहाॅ भी बच्चे महिलाए सुरक्षित नही है।

15.मंदिर मस्जिद चर्च को गिराते समय एक भी भगवान ने सामनेआकर विरोध नही किया।

16.बिना अभ्यास किये एक भी छात्र को भगवान ने पास किया हो ऐसा एक भी उदाहरण आज तक सुनने को नही मिला।

17.बहुत सारे भगवान ऐसे है जिनको 25 साल पहले कोई नही जानता था। वह अब प्रख्यात भगवान हो गये है।

18.खुद को भगवान समझने वाले अब जेल की हवा खा रहे है।

19.दुनिया मे करोडों लोग भगवान को नही मानते फिर भी वह सुख चैन से रह रहे है।

20.हिन्दु अल्लाह को नही मानते। मुस्लिम भगवान को नही मानते। इसाई भगवान और अल्लाह को नही मानते। हिन्दु मुस्लिम गाॅड को नही मानते। फिर भी भगवानों ने एक दुसरेको नही पुछा कि ऐसा क्यो  ?

21.एक धर्म कहता है कि भगवान का आकार नही।दुसरा भगवान को आकार देकर फेन्सी कपडे पहनाता है।तीसरा अलग ही बताता है।मतलबसच क्या है  ? 

22.भगवान है तो लोगों मे उसका डर क्यों नही ?

23.मांस भक्षण करने वाला भी जी रहा है और नही करने वाला भी जी रहा है।और जो दोनो खाता है वह भी जी रहा है।

23रूस, अमेरिका भगवान को नही मानते फिर भी वे महासत्ता है।

24. जब ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की तो फिर चार वर्ण की व्यवस्था सिर्फ भारत में क्यों पाई जाती है? अन्य देशों में क्यों नही पाई जाती है ? जब पिछले जन्म के कर्म के आधार पर जातियों का निर्माण किया गया है तो भारतीय जातियां अन्य देशों में क्यों नहीं पायी जाती है ?

25. जब वेद ईश्वर वाणी है तो भारत के अलावा अन्य देशों में वेद क्यों नहीं हैं ? तथा वेद सिर्फ ब्राह्मणों की भाषा संस्कृत में क्यों है अन्य भाषाओं जैसे बंगाली, उड़िया, उर्दू, अंग्रेजी, मलयालम,तेलगु, फारसी, आदि में क्यों नहीं है ?

बाबा साहब का मिशन अधूरा हमसब मिलकर करेंगे पूरा ।

   पोस्ट साभार:---            जय भीम नमो बुद्धाय
                                     करन वर्मा
                                 इटावा  (उ0प्र0)