ALL Image PP-News BADA Herbal Company EPI PARTY IBBS MORCHA LIC & Job's SYSTEM
एक नजर ईधर भी
November 14, 2019 • Mr. Pan singh Argal (Dr. PS Bauddh)

पहले, रोहित वेमुला (दलित)
फिर, पायल तडवी (आदिवासी)
और अब, फातिमा लथीफ (मुस्लिम)
.
माफ करना साथियो सबका समुदाय और धर्म इसीलिए लिखना पड़ा क्योंकि मैं ये बताना चाहता हु आखिर क्यों इस देश के Universities में कुछ खास समुदाय के छात्र छात्राओं से भेदभाव और प्रताड़ित किया जाता है।

यूनिवर्सिटीज में धर्म और जात को लेकर भेदभाव और प्रताड़ना रोकने के लिए सकरार को चाहिए कि 

1) हर महीने कॉलेजो में प्रोफेसर और स्टूडेंट्स के लिए कम्युनल और कास्ट  हैट्रेड के खिलाफ एक कैम्प अवेयरनेस प्रोग्राम चलाना अनिवार्य करे।

साथ ही साथ.........

2) प्रत्येक कॉलेज में एक पक्षपात निर्वाचन कमीशन गठित किया जाए जिसकी समिति में प्रत्येक समाज का प्रतिनिधित्व हो।
जिसका दर्ज अन्य डिपार्टमेंट से ऊँचा हो, ताकि वो कमीशन बिना किसी दबाव के काम करने में स्वतंत्र हो।

और..........

3) Viva, Projects में केवल नाम से धर्म और जाति देखकर पक्षपात करके विद्यार्थोयो को नंबर बाटे जाते है। तो जब भी Viva हो, हर चीज़ की वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए और इसका Data 3-4 साल तक संभाल के रखना चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि.....

4) उपर्युक्त सभी व्यवस्था का सही काम कने के लिए सबसे जरूरी चीज़ ये है कि समाज के हर समुदाय का Universities में प्रतिनकधित्व होना चाहिए। वरना हर उठने वाली आवाज़ दबा दी जाएगी और फ़ाइल की गई Complaint, कहा गायब हो किसीको पता ही ना चलेगा।

  1. #द्रोणाचार्योंकानाशहो