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क्या मायावती होना मुश्किल है जाने
December 3, 2019 • Mr. Pan singh Argal (Dr. PS Bauddh)

👍*क्या मायावती होना मुश्किल है?*👌
.मेरी दृष्टि में तो मायावती होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। अगर केवल मूर्ति बनाने को ही आर्थिक और सामाजिक पहलुओं की तुलना कर ली जाये तो समझ जायेंगे कि मायावती होना मुश्किल है। लखनऊ पार्क की लागत 100 करोड़ (आधिकारिक) और एक नया पैसा विदेश नहीं गया, देश के ही संसाधनों से देश की प्रतिभाओं ने अद्वितीय कारनामा कर दिखाया।  2007 में जब मायावती ने यूपी की सत्ता संभाली तो पिछला बजट था 80 हजार करोड़ और जब 2012 में मायावती जी ने सत्ता छोड़ी तो बजट 2 लाख करोड़ से ऊपर था। मायावतीजी द्वारा पेश आखिरी बजट में राजकोषीय घाटा 2.8% था और उसी वर्ष भारत सरकार का राजकोषीय घाटा 5.2% था। इसलिए आर्थिक नीतियों के मामले में भी मायावती होना मुश्किल है। मायावती जी का शासन कानून का शासन होता है, उनको शासन चलाने के लिए किसी विशेष/सख्त कानून की जरुरत नहीं होती इसीलिए उन्होंने अपने शासन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण कानून से तुरंत गिरफ़्तारी का प्रावधान हटवा दिया था;  इसलिए मायावती होना मुश्किल है। लखनऊ चमकाया, नोएडा चमकाया, एक्सप्रेसवे दिया, फार्मूला वन ट्रैक दिया, किसानों को उनकी मर्जी का मुआवजा दिया, बिजली उत्पादन 5 साल में 3500 MW से 8000MV पहुँच दिया, इसलिए मायावती बनना मुश्किल है। मायावतीजी ने अपने शासन काल में 7 मैडीकल कालेज, 5 इंजीनीयरिंग कालेज, 2 होमियोपैथिक कालेज, 2 पैरा मैडीकल कालेज, 6 विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय,100 से अधिक डिग्री कालेज, 572 हाईस्कूल, 100 से अधिक ITI खोले। कभी गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा जाकर तो देखिये। इसलिए मायावती बनना मुश्किल है। जनता की सुविधा के लिए 27 नए जिलों का गठन किया तो 27 नए जिला अस्पताल, 27 नए जिला एवं सत्र न्यायालय, 27 नए जिलाधिकारी कार्यालय, 27 नए विकास भवन भी बनाये गए।  45 नई तहसीलें और 40 विकास खंड बने जिनमें लाखों लोगों को नौकरियाँ और रोजगार मिला। इसलिए मायावती होना मुश्किल है। मायावती के शासन काल में ठेकों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए ई-टेंडरिंग लागू की गई। मायावती के शासन में हुई किसी भी भर्ती में पक्षपात या भ्रष्टाचार का कभी कोई आरोप नहीं लगा और न ही कोई भर्ती कोर्ट में चेलैंज की गई। इसलिए मायावती होना मुश्किल है। मायावती जी ने 1995 में अपने मात्र 4 महीने के शासन काल/सरकार में 7 लाख एकड़ खेती की जमीनों के पट्टे भूमिहीनों को दिए; उसके बाद के हर शासनकाल में यह आंकड़ा और बढ़ा इसलिए आयरन लेडी मायावती होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। आप भी कॉपी पेस्ट या शेयर करके बता दो भक्तों और दुनिया को कि मोदीजी से कई गुणा अच्छा ही नहीं बेहतर प्रधानमंत्री तो मायावती जी बन सकती है जो देश और समाज को चहुंमुखी विकास की बुलंदियों पर ले जा सकती है।🙏🙏🙏
आदरणीय Kanwar S. Badalia सर की वाल से ।