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शूद्र समाज तर्कशील कब&कैसे बनेगा
April 21, 2020 • Mr. Pan singh Argal (Dr. PS Bauddh)

*🔥शूद्र समाज तर्कशील कब&कैसे बनेगा?* 
                             दिनांक 08-08-2019
   *कोलम्बस के नई दुनिया के खोज के पहले अमेरिका द्वीप और यूरोप के बीच किसी तरह का कोई सम्बन्ध नही था, यहां तक कि किसी तथाकथित भगवानो के भी आने जाने का रास्ता नही था तो दोनो द्वीपो पर समान रूप से श्रृष्टि की रचना कौन किया? कैसे हुई? तर्क कीजिए।* 
  चन्द्रमा पर कोई तथाकथित भगवान जीव पैदा क्यो नही किया?, किसने रोका है?
   *वैज्ञानिको द्वारा यह सत्य साबित हो गया है कि श्रृष्टि की संरचना समुद्र के पानी से ही शुरू हुई और समुद्र का पानी ही पृथ्वी के सभी भूभागो के सम्पर्क मे था । इसीलिए समान रूप से सभी भूभागो पर जीव जन्तु, पशु-पक्षी और बनिस्पतिया पैदा हुई। करोड़ो  साल की समुद्री जन्तुओ के आपसी संक्रमण के कारण जल थल मे रहने वाले प्राणी पैदा हुए। इसी  प्रक्रिया के तहत पहले   बन्दर, बनमानुक, आदि- मानव फिर मानव जाति की उत्पत्ति हुई।* 
   तथाकथित भगवान मे विश्वास करने वालो से मै बार बार एक प्रश्न पूछता हूं  (यदि आप या कोई जाड़े के दिन मे 10-12 दिन स्नान न करे और कपड़ा न बदले, तो शरीर मे एक जीव चिल्लर और सर के बालो मे ज्यू (ढील) पैदा हो जाते है । जरा सोचिए कौन पैदा करता है? आप या कोई भगवान? नही नेचर  (प्रकृति )के द्वारा वैसे वातावरण बना तो जीव पैदा हो गया। इसी नेचर या प्रकृति जो सौर्यमंडल के कारण बनता है, उसी को पूरे विश्व मे गाड भगवान या ईश्वर की मान्यता दी गई है ।
   *अब भगवान के बारे मे मान्यताए देखिए ।* 
   *मुसलमान अपने पैगंबर  (गाड मैसेंजर ) मोहम्मद पैगम्बर  की इबादत करते है ।यहां "अल्लाह हो अकबर" मतलब गाड इज ग्रेट"से है।* 
    ईसाई भी अपने पैगम्बर (मैसेंजर ) ईसामसीह से दुवा और  खुशहाली के लिए प्रार्थना करते है ।
    *सिक्ख धर्म के लोग भी गुरु गोविंद साहब  (गुरु) की गुरु वाणी से प्रार्थना करते है ।* 
    बौद्धिष्ट लोग भी गौतमबुद्ध  (भगवान नही ) की आदर  भाव से उनके बताए गए वैज्ञानिक सोच " अत्त दीपो भवः" का अनुसरण करते है ।
   *इसी तरह पूरी दुनिया मे धर्म गुरु,  पैगम्बर या मैसेंजर  ( गाड या भगवान के बिचारो को समाज तक पहुंचाने वाला ) की पूजा, अर्चना, प्रार्थना इबादत की जाती है। यहां भी एक आश्चर्य है कि गाड मैसेंजर ही भगवान से बड़ा हो गया है ।* 
  लेकिन हिन्दू धर्म का दुर्भाग्य है कि यहां ब्राह्मणी के पेट से जो भी  अन्धा ,लंगड़ा,  लूला ,पागल , बेवकूफ पैदा हो गया वे सभी गाड मैसेंजर  (पुजारी ) हो गये। जब सभी पुजारी हो गए तो स्वाभाविक है, भगवान भी कई  होने चाहिए। इसीलिये काल्पनिक  हजारो देवी-देवताओ और भगवानो को पैदा किया गया।
     *शूद्रो मे अज्ञानता के कारण, " भगवान ही  सबका कर्ता धर्ता और मालिक है"  ऐसा भ्रम दिमाग मे भरकर डर और लालच पैदा कर दिया गया। ब्राह्मण पूजा करने और करवाने लगे तथा बदले मे पेट- पूजा के लिए दान दक्षिणा और चढ़ावा  का प्रबंध करके भगवान् और भक्त दोनो को बेवकूफ बनाते चले आ रहे है।* 
      आज के वैज्ञानिक युग मे भी लाख समझाने के बावजूद भी  शूद्र समाज तर्कसंगत होने को तैयार नही है। यह देखकर बहुत दुख और अफसोस होता है ।
              मिशन 
    *गर्व से कहो हम शूद्र है* 
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